Dhaniya panjiri recipe in whit bowls on the table

Dhaniya panjiri


०Dhaniya panjiri recipe प्रसाद फलाहार व्रत में यह ही खाई जाती है सामान्यत पंजीरी आटे की होने के कारण फलहार व्रत में प्रसाद के रूप में नहीं ली जाती व्रत करने वाले लोग व्रत खोलते समय पहले इस पंजीरी को खाकर ही अपना व्रत खोलते हैं ।
०धनिया पंजीरी विशेष रुप से जन्माष्टमी के दिन फलाहार व्रत खोलने में भी खाई जाती है । वैसे आप धनिया की पंजीरी कभी भी बनाकर खा सकते है ये बहुत स्वादिष्ट और पौष्टिक है।


०धनिया का सेवन शरीर को काफी लाभ पहुंचता है क्योंकि धनिया औषधीय गुण से भरपूर होता है धनिया का सेवन वैसे तो कई तरीकों से किया जा सकता है लेकिन क्या आपने कभी धनिया की पंजीरी का सेवन किया है धनिया की पंजीरी का सेवन शरीर के लिए बेहद गुणकारी होता है

धनिया की पंजीरी का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनती है साथ ही स्वास्थ्य से जुड़ी कई अन्य समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है क्योंकि धनिया में विटामिन ए, विटामिन सी, मैग्नीशियम, फाइबर, पोटेशियम के साथ-साथ एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाया जाता है जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

Dhaniya panjiri recipe in whit bowls on the table
Dhaniya panjiri recipe 1 healthy maa ke haat se bnaye huye


० भगवान श्री कृष्ण को धनिया की पंजीरी जन्माष्टमी में भगवान कृष्ण को इसलिए अर्पित की जाती है क्योंकि यह त्यौहार वर्षा ऋतु में मनाया जाता है इस दौरान की बीमारियां फैलने का डर रहता है जैसे वात, कफ और पित्त।
० पंजीरी एक प्रकार की मिठाई जो आटे को घी में भूनकर उसमें धनिया, सोंठ, जीरा आदि मिलाकर बनाई जाती है इसका व्यवहार विशेष : नैवेद्य में होता है श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उत्सव तथा सत्यनारायण व्रत की कथा में पंजीरी का प्रसाद बंटता है पंजीरी प्रसूता स्त्री के लिए भी बनती है और पठावे में भी भेजी जाती है।


० पंजीरी में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है फाइबर का सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं जैसे की कब्ज और पेट फूलना जैसी की बीमारियों से राहत पाई जा सकती है डिलीवरी के बाद जिन महिलाओं को कब्ज की ज्यादा समस्या रहती है उन्हें रोजाना 20 से 30 ग्राम पंजीरी खान की सलाह दी जाती है।
०धनिया की पंजीरी- अगर आप श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर प्रसाद में भोग के लिए धनिया की पंजीरी बनाते हैं तो इससे भगवान प्रसन्न होते हैं। धनिया की पंजीरी भगवान को प्रिय हैं।


० नई माताओं को उनके शरीर को फिर से भरने और स्तनपान में सहायता करने के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है पंजीरी प्रोटीन, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट जैसे आवश्यक पोषक तत्व से भरपूर है जो गर्भावस्था के बाद रिकवरी और स्तनपान के लिए महत्वपूर्ण है।
० प्रसव के बाद पंजीरी खाने का सबसे अच्छा समय हो सकता है लेकिन अन्य तरीकों से भी यह फायदेमंद है शायद दिन का एक समय जिसकी बहूत से लोग सहराना नहीं करते वह सुबह का नाश्ता। नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन कहा जाता हैं।

Dhaniya panjiri
Dhaniya panjiri recipe


० यह सुपर फूड सभी आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर है जो पुरुषों को स्वस्थ और फिट जीवनशैली जीने में मदद करता है पुरुषों के लिए पंजीरी के बहुत सारे फायदे हैं जिनका भी लाभ उठा सकते हैं यह शरीर के तापमान के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है प्रति रक्षा बनाता हैं, हार्मोन को संतुलित करता है और उन्हें हर दिन आवश्यक ऊर्जा की खुराक प्रदान करता है।
० घर की बनी पंजीरी एक आनंददायक और स्वास्थ्यवर्धक सर्दियों की साथी है सर्दियों के मौसम को खुली बांहों से स्वीकार करें और पंजीरी में सामग्री की पौष्टिक मिश्रण को अपने समग्र कल्याण में योगदान हैं। गर्म रहे, स्वस्थ रहे।


Dhaniya panjiri recipe banane ke liye samagri

  • 100 ग्राम- धनिया पाउडर ।
  • तीन -टेबल स्पून देशी घी।
  • आधा कप- मखने ।
  • आधा कप -पीसी चीनी या बुरा।
  • आधा कप- पका नारियल।
  • 10-10 काजू बादाम ।
  • एक चम्मच -चिरोंजी।


Dhaniya panjiri recipe bnane ki vidhi


कढ़ाई में एक टेबलस्पून घी डालिए और बारीक पीछे धनिया को अच्छी सुगंध आने तक भून लीजिए कुछ लोग साबूत धनिया लेकर पहले उसे भून लेते हैं और बाद में बारीक पीस लेते हैं लेकिन मुझे पीसे धनिया को पीसकर पंजीरी बनाना ज्यादा आसान और अच्छा लगता हैं।


मखाने को काट कर चार टुकड़े कर लीजिए और बचा हुआ घी डालकर घी में तलकर निकाल लीजिए, भूने मखाने को बेलन या किसी भारी चीज से दरदरा कर लीजिए।https://foodwada.com
काजू और बादाम छोटे-छोटे काट लीजिये ।
धनिया को भून कर पाउडर, दरदरे किए हुए मखाने, बूरा,मेवे मिला कर और नारियल को कद्दूकस कर पंजीरी बना लीजिए।
धनिया की पंजीरी तैयार हैं, यह धनिया की पंजीरी आप अपने लड्डू गोपाल को खिलाएं और आप खाइए।

Dhaniya panjiri
Dhaniya panjiri


Dhaniya panjiri ke fayde aur nuksan

फायदेमंद

  • पाचन में कर सुधार
  • अर्थराइटिस में फायदेमंद
  • कमजोरी को दूर
  • आंखों को रखें स्वस्थ
  • इम्युनिटी को करें बूस्ट
  • कोलेस्ट्रोल को करें कंट्रोल
  • पंजीरी में मौजूद तत्व दर्द वाले जोड़ों को आराम देने और शरीर के दर्द को कम करने में मदद करते हैं यह आटा, घी ,मखाना, बादाम ,अखरोट, अलसी आदि से बनाया जाता हैं। पंजीरी वजन घटाने में सहायता करती है।
  • घी ,जो पंजीरी के प्रमुख घटकों में से एक हैं, एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर है घी अच्छे हदय स्वास्थ्य और अद्भुत आंत स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। गेहूं फाइबर का एक समृद्ध स्तोत्र है और मेवे गुणों से भरपूर हैं ।
  • धनिया की पंजीरी का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनती है साथ ही स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है क्योंकि धनिया में विटामिन ए, विटामिन सी, मैग्नीशियम, फाइबर, पोटेशियम के साथ-साथ एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाया जाता है जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • जहां धनिया में कई प्रकार के अनूठे औषधि गुण मौजूद पाए जाते हैं। वहीं इसके कुछ गुण भी देखे जा सकते हैं। अधिक मात्रा में सेवन करने से ह्रदय से जुड़ी संबंधी लोगों से, गर्भवती महिलाएं, मधुमेह तट, स्तन वाली महलों में देखने को मिलता है इसके लक्षण।

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